Month: October 2018

हमारे आंसू पोंछ कर…

हमारे आंसू पोंछ कर… हमारे आंसू पोंछ कर वो मुस्कुराते हैं,  इसी अदा से वो दिल को चुराते हैं,  हाथ उनका छू जाये हमारे चेहरे को,  इसी उम्मीद में …